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करों में भारी कटौती- 5-7.5 लाख रुपये की वार्षिक आय वालों के लिए 10 प्रतिशत आयकर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट 2020 वक्तव्य के दूसरे भाग की शुरुआत प्रत्यक्ष करों से की। विश्व प्रतिस्पर्धा में भारत को बनाए रखने के लिए विनिर्माण क्षेत्र की नई कंपनियों के लिए निगम कर 15 प्रतिशत रखा गया है, वहीं पहले से स्थापित कंपनियों के लिए यह 22 प्रतिशत रहेगा।

एक संस्कृत श्लोक से उन्होंने कर का महत्त्व बताते हुए कहा कि जैसे सूर्य पानी को भाप बनाकर वर्षा के लिए उसका उपयोग करता है, वैसे ही कर लोगों से जन कल्याण के लिए ही लिए जाते हैं।

कर भरने को आसान बनाने के लिए उन्होंने एक नई प्रणाली की स्थापना की बात कही। अब 5-7.5 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले लोगों को 20 प्रतिशत की बजाय 10 प्रतिशत कर ही भरना होगा। वहीं 7.5-10 लाख रुपये की वार्षिक आय वालों को 20 प्रतिशत की बजाय 15 प्रतिशत कर भरना होगा।

10-20 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले लोग 30 प्रतिशत कर भरते थे, लेकिन अब 10-12.5 लाख वार्षिक आय वालों को 20 प्रतिशत व 12.5-15 लाख रुपये वार्षिक आय वालों को 25 प्रतिशत कर भरना होगा। 15-20 लाख रुपये की वार्षिक आय पर 30 प्रतिशत कर ही लगेगा।