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विदेशी कंपनियों और धनवानों से अधिक कर वसूलने का राजस्व अधिकारी संघ का सुझाव

कई वरिष्ठ कर अधिकारियों ने सुझाव दिया कि कोरोनावायरस से लड़ने के लिए सरकार को धनवान व्यक्तियों पर कर बढ़ा देना चाहिए। साथ ही विदेशी कंपनियों पर लगने वाले कर को भी अधिक कर देना चाहिए।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) संघ ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष प्रमोद चंद्र मोदी को फोर्स के नाम से यह प्रस्ताव दिया है।

इसमें सुझाव दिया गया कि सरकार को ईमानदारी से कर देने वालों को राहत नहीं देनी चाहिए। केंद्र ने महंगाई भत्ता को 30 जून 2021 तक यथावत रखने का निर्णय लिया है। इससे केंद्र सरकार को 37,000 करोड़ रुपये बचेंगे।

आईआरएएस एसोसिएशन ने सुझाव दिया कि इसे कुछ समय के लिए लागू किया जाए। इसमें जिनकी आय एक करोड़ से अधिक है उनपर 30 की जगह 40 प्रतिशत आयकर लगाया जाए। वहीं, जिनकी आय 5 करोड़ से अधिक है, उनपर फिर से संपत्ति कर लगाया जाए।

बता दें कि बजट 2021 में वित्त मंत्री ने सुपर रिच के लिए अधिशुल्क को लागू किया था। सरकार को अफेक्षा थी कि इससे उसकी कमाई 2,700 करोड़ रुपये होती। 1 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक आय को सुपर रिच के वर्ग में रखा गया है।

इस पेपर को 50 आईआरएएस अधिकारियों ने मिलकर बनाया है। विदेशी कंपनियों पर टैक्स में बदलाव को नौ से 12 महीने के लिए लागू करने की बात कही गई है। वर्तमान में 1-10 करोड़ कमाई पर अधिशुल्क 2 प्रतिशत और 10 करोड़ से ज्यादा कमाई पर 5 प्रतिशत अधिशुल्क लगता है।