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“अफगानिस्तान में शांति अशरफ गनी को राष्ट्रपति पद से हटाने पर आएगी”- तालिबान

तालिबान का कहना है कि वे सत्ता पर एकाधिकार नहीं चाहते हैं लेकिन वे इस बात पर बल देते हैं कि अफगानिस्तान में तब तक शांति नहीं आएगी, जब तक काबुल में नई सरकार नहीं बन जाती और राष्ट्रपति अशरफ गनी को पद से हटा नहीं दिया जाता।

द न्यू इंडिया एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, एक साक्षात्कार में तालिबानी प्रवक्ता सुहैल शाही ने बताया, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि हम सत्ता के एकाधिकार में विश्वास नहीं रखते। दरअसल, अतीत में अफगानिस्तान में सत्ता पर एकाधिकार करने वाली कोई भी सरकारें सफल नहीं थीं।” बता दें कि उस आकलन में तालिबान का अपना पाँच वर्ष का शासन भी सम्मिलित है।

उन्होंने कहा, “किसी भी युद्धविराम से पूर्व हमारे और अन्य अफगानों के लिए स्वाकार्य नई सरकार पर एक समझौता होना चाहिए। फिर कोई युद्ध नहीं होगा। इस नई सरकार में महिलाओं को काम करने, स्कूल जाने और राजनीति में भाग लेने की अनुमति होगी लेकिन उन्हें हिजाब या सिर पर दुपट्टा पहनना होगा।”

तालिबानी प्रवक्ता ने कहा, “महिलाओं को अपना घर छोड़ने के लिए अपने साथ एक पुरुष रिश्तेदार की आवश्यकता नहीं होगी। नए कब्ज़े वाले जिलों में तालिबान कमांडरों को आदेश हैं कि विश्वविद्यालय, स्कूल और बाज़ार पहले की तरह संचालित हों, जिसमें महिलाओं और लड़कियों की भागीदारी भी सम्मिलित है।” हालाँकि, तालिबान के कब्ज़े वाले जिलों से महिलाओं पर कठोर प्रतिबंध लगाने, यहाँ तक कि स्कूलों में आग लगाने की बार-बार रिपोर्टें आई हैं।

उन्होंने आगे कहा, “काबुल पर सैन्य हमला करने की कोई योजना नहीं है। तालिबान ने अब तक स्वयं को प्रांतीय राजधानियों पर कब्ज़ा करने से रोक लिया है। तालिबान की युद्धक्षेत्र की अधिकांश सफलताएँ वार्ता के माध्यम से आई हैं, लड़ाई के माध्यम से नहीं।”