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“ताहिर हुसैन ने पूर्वी दिल्ली में हिंसा के लिए भीड़ को उकसाया था”- कड़कड़डूमा न्यायालय

कड़कड़डूमा न्यायालय ने शनिवार (22 अगस्त) को दिल्ली दंगे में आईबी कर्मी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए कहा, “ताहिर हुसैन ने ही भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया था। इसके बाद लोग हिंसक हो गए और उन्होंने दूसरे समुदाय के लोगों पर पथराव शुरू कर दिया था।”

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायालय ने कहा, “पूर्वी दिल्ली में सुनियोजित तरीके से दंगे भड़काए गए थे। इनकी अगुआई ताहिर हुसैन ही कर रहे थे। उन्होंने दंगाइयों को अपनी छत दी थी। वहाँ पर हिंसा फैलाने की सामग्री भी दी, ताकि बड़े पैमाने पर दंगे किए जा सकें।”

न्यायालय ने कहा, “प्रथम दृष्टया आरोपी ताहिर हुसैन अपने घर से 24 और 25 फरवरी को चांद बाग पुलिया के पास मस्जिद से भी भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने कथित रूप से अपने समुदाय को उकसाया और दो समुदायों के बीच धर्म के आधार पर कटुता को बढ़ावा दिया कि एक समुदाय ने उनके लोगों को मार डाला है।”

न्यायालय के समक्ष मौजूद जाँच अधिकारी ने कहा कि पार्षद ताहिर हुसैन और अन्य पर राजद्रोह की धाराओं में मामला चलाने की अनुमति संबंधित सक्षम अधिकारी से अभी नहीं मिली है। इस पर न्यायालय ने कहा, “जाँच अधिकारी के अनुसार मौजूदा मामले में 22 जून को सक्षम प्राधिकार के पास एक पत्र भेजा गया लेकिन मंजूरी में कितना समय लगेगा, यह स्पष्ट नहीं। ऐसे में न्यायालय अन्य सभी अपराधों का संज्ञान लेना उचित समझती है।”

न्यायालय ने कहा, “आरोपियों द्वारा किए अपराधों का संज्ञान लेने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री है। न्यायालय ने मामले में सुनवाई के लिए 28 अगस्त की तारीख तय करते हुए सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश करने का निर्देश दिया।