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ओआईसी में सुषमा स्वराज- “हमारी लड़ाई आतंकवाद से”, ऋगवेद का भी किया उल्लेख

शुक्रवार (1 मार्च) को मुस्लिम देशों के संगठन, इस्लामिक समन्वय संगठन (ओआईसी) की बैठक में भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने बैठक में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी मज़हब नहीं है। ऋग्वेद का हवाला देते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि “भगवान एक हैं और सभी धर्मों का मतलब है शांति”। भारत को ओआईसी में बतौर विशिष्ट अतिथि न्यौता भेजा गया था, नव भारत टाइम्स  ने रिपोर्ट किया।

ओआईसी के मंच से उन्होंने आतंकवाद पर ज़ोर देते हुए कहा कि दुनिया आज आतंकवाद की समस्या से जूझ रही है और आतंकी संगठनों की टेरर फंडिंग पर रोक लगानी चाहिए। बगैर किसी देश का नाम लेते हुए विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के प्रायोजित आतंकवाद पर निशाना साधा, जिससे भारत लंबे समय से जूझ रहा है। 

सुषमा स्वराज ने कहा, “भारत आतंकवाद से जूझ रहा है। आतंकवाद का दायरा बढ़ रहा है”। विदेश मंत्री ने कहा कि आज आतंकवाद एक नए स्तर पर है। उन्होंने कहा, “आतंकवाद को संरक्षण और पनाह देने पर रोक लगनी चाहिए, आतंकी संगठनों की फंडिंग रुकनी चाहिए, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी मजहब से टकराव नहीं है”। धर्म को शांति का पर्याय बताते हुए उन्होंने कहा, “जिस तरह इस्लाम का मतलब शांति है, अल्लाह के 99 नामों में से किसी भी नाम का अर्थ हिंसा नहीं है, उसी तरह हर धर्म शांति के लिए हैं”।

भारत की गौरवशाली संस्कृति का हवाला देते हुए विदेश मंत्री ने कहा, “भारत के लिए बहुलता को अपनाना हमेशा से आसान रहा है क्योंकि यह संस्कृति के सबसे पुराने धार्मिक ग्रंथ ऋग्वेद में भी है और मैं वहाँ से उद्धरण ले रही हूँ- एकम सत विप्र बहुधा वधंती अर्थात भगवान एक हैं लेकिन विद्वान लोग अलग-अलग तरह से उनका वर्णन करते हैं”।

सुषमा स्वराज ने भारत में सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता पर बोलते हुए कहा, “भारत हर धर्म का सम्मान करता है इसलिए भारत में बहुत कम मुस्लिम ज़हरीले प्रचार-प्रसार से प्रभावित हुए हैं।”

महत्त्वपूर्ण बात यह है कि पाकिस्तान की तमाम कोशिशों के बाद ओआईसी ने भारत के न्यौते को वापस नहीं लिया। यह भारत के लिए एक कूटनीतिक जीत है।