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नारकोटिक्स ब्यूरो को दिए बयानों से न्यायालय के सामने पलटे आरोपी ज़ैद और बासित

सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर ड्रग्स के दृष्टिकोण से हो रही जाँच में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा गिरफ्तार किए गए दो आरोपी ज़ैद विलात्रा और अब्दुल बासित परिहार अपने बयानों से पलट गए हैं। उन्हीं के आरोपों की तर्ज पर रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक, हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा और हेल्पर दीपेश सांवत को गिरफ्तार किया गया था।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों आरोपियों का दावा है कि नारकोटिक्स ब्यूरो ने उनके बयान जबरदस्ती रिकॉर्ड किए थे। विलात्रा और परिहार वर्तमान में एनसीबी की हिरासत में हैं। ड्रग्म के मामले में दोनों को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने पेश किया गया तो वे अपने बयान को स्वीकारने से मुकर गए।

दोनों आरोपियों के वकील तारक सैयद ने कहा, “उन्हें न्यायालय में पेश किया गया तो हमने अर्जी दाखिल की। वहाँ उन्होंने एनसीबी अधिकारियों के समक्ष दिए गए बयानों को वापस ले लिया, जिसके बाद जमानत मांगी गई। यह एक जमानती अपराध है। इसमें शामिल ड्रग्स की मात्रा निम्न है, जो कि आरोपी को जमानत का हक देती है।”

उधर, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। बता दें कि विलात्रा को 3 सितंबर को गिरफ्तार करके मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने पेश किया गया था। परिहार को एनसीबी की टीम ने चार सितंबर को मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने पेश किया था।