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फ्रांस में इस्लामवाद को रियायत देने पर सैनिकों ने राष्ट्रपति को खुले पत्र में चेतावनी दी

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रॉन को एक खुले पत्र में सेवारत सैनिकों ने चेतावनी दी है कि इस्लामवाद को रियायत देने की वजह से फ्रांस का अस्तित्व अब खतरे में पड़ने लगा है।

यह पत्र रविवार (9 मई) को वेलेर्स एक्टुलेस पत्रिका की वेबसाइट पर पोस्ट किया गया है। इसे जनता द्वारा हस्ताक्षरित किया जा सकता है। पत्रिका ने दावा किया कि एक दिन में 1,45,000 से अधिक लोग इस पर हस्ताक्षर कर चुके हैं।

पत्र में इमैनुअल मैक्रॉन और उनके मंत्रिमंडल को संबोधित करते हुए कहा गया, “हम आपके जनादेश को बढ़ाने या दूसरों पर विजय प्राप्त करने की बात नहीं कर रहे हैं। हम अपने देश के अस्तित्व के बारे में बात कर रहे हैं।”

फ्रांस24 की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने लिखा है, “सक्रिय सैनिकों ने इस्लामवाद को खत्म करने के लिए अपना जीवन दाँव पर लगाया है और आपने हमारी धरती पर उन्हें रियायतें दी हैं। कुछ धार्मिक समुदायों के लिए फ्रांस का मतलब व्यंग्य, अवमानना ​​या यहाँ तक ​​कि नफरत के अलावा कुछ भी नहीं है। अगर गृहयुद्ध छिड़ता है तो सेना अपनी धरती पर व्यवस्था बनाए रखेगी। फ्रांस में गृहयुद्ध छिड़ रहा है और आप इसके बारे में जानते हैं।”

फ्रांस सरकार ने इस पत्र की कड़ी आलोचना की। सरकार के मंत्री जेराल्ड डारमेनिन ने इस अनाम पत्र को लिखने वालों में साहस की कमी का आरोप लगाया। वहीं, रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पैरी ने इसे अपरिपक्व राजनीतिक योजना के रूप में खारिज कर दिया है।