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सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकने की समय सीमा बताए सरकार- सर्वोच्च न्यायायलय

सर्वोच्च न्यायालय ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर मंगलवार को चिंता जताते हुए कहा, “केंद्र सरकार को इससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। वह अदालत को इसके दुरुपयोग पर रोक संबंधी दिशा-निर्देश बनाने की समय सीमा बताए। जिस तरह इसका दुरुपयोग हो रहा है, वो बेहद खतरनाक है।”

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश दीपक गुप्ता और न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस ने कहा, “ऑनलाइन अपराध और सोशल मीडिया पर अफवाह और भ्रामक जानकारियाँ फैलाने वालों का पता लगाया जाना चाहिए। यह कहकर हम शांत नहीं बैठ सकते हैं कि इससे निपटने के लिए हमारे पास तकनीक नहीं है।”

अदालत ने कहा, “सोशल मीडिया का उपयोग अब खतरनाक मोड़ पर पहुँच चुका है। अब सरकार को इसमें दखल देना ही होगा। अगर ऐसा न किया गया तो यह और भी भयावह रूप ले सकता है।”

सर्वोच्च न्यायालय ने ये बातें सोशल मीडिया अकाउंट को आधार से लिंक करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान कही। पिछली सुनवाई में अदालत ने केंद्र सरकार को सूचित करने के लिए कहा था कि क्या वह इसको विनियमित करने के लिए कुछ नीति तैयार करने और आधार के साथ सोशल मीडिया खातों को जोड़ने के लिए कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।