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सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या मामले में खारिज की सभी समीक्षा याचिकाएँ, मंदिर वहीं बनेगा

अयोध्या विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध दायर की गई सभी 18 याचिकाओं को गुरुवार (12 दिसंबर) खारिज कर दिया गया है। पाँच जजों की पीठ ने निर्णय लिया कि वे अपने 9 वलंबर को सुनाए गए फैसले पर ही टिके रहेंगे।

तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पाँच जजों की पीठ ने निर्णय सुनाया था कि विवादित भूमि राम लला को दी जाए व मस्जिद के लिए 5 एकड़ क्षेत्रफल की एक भूमि विवादित स्थल से अलग अयोध्या में ही दी जाए।

सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय को चुनौती देते हुए कई मुस्लिम गुटों ने चुनौती दी थी जिनमें से एक जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने बाबरी विवाद की बरसी यानी 6 दिसंबर के दिन अदालत में पुनर्विचार याचिका दाखिल की।

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी उसी दिन समीक्षा याचिका दायर की थी। हालाँकि सुन्नी केंद्रीय वक्फ बोर्ड और इकबाल अंसारी ने खुद को इससे अलग कर लिया था। इसके अलावा मुस्लिम पक्षकारों का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता राजीव धवन को भी समीक्षा याचिका में सम्मिलित नहीं किया गया था।