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सर्वोच्च न्यायालय एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाना चाहती है उन्नाव दुष्कर्म उत्तरजीविका को

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को आदेश जारी किया कि उन्नाव दुष्कर्म मामले की पीड़िता को एयर एंबुलेंस से एयरलिफ्ट करके लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) से दिल्ली के एम्स में भर्ती करवाया जाए।

आज तक  की रिपोर्ट के अनुसार, यह आदेश मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने दिया। उन्होंने यह भी कहा, “अगर ज़रूरत पड़ती है तो वकील को भी शिफ्ट किया जाए।” पीड़िता के वकील का परिवार के हवाले से कहना है, “वे बेटी को संभालें या मुकदमा लड़ें।”

जानकारी मिल रही है कि सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा के बीच पीड़ित परिवार केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर पहुँच गया है। वकील और दुष्कर्म पीड़िता को दिल्ली ले जाने की पूरी तैयारी ज़ोरों से चल रही है। उन्हें कब एयरलिफ्ट किया जाएगा, इसके सही वक्त की केजीएमयू प्रशासन ने अभी जानकारी नहीं दी है।

मालूम हो कि उन्नाव रेप पीड़िता का इलाज लखनऊ में चल रहा है। 28 जुलाई को पीड़िता कार हादसे का शिकार हुई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की जान चली गई थी।

उधर, कार हादसे के मामले में सीबीआई ने नामजद आरोपियों को पूछताछ के लिए तलब किया है। साथ ही पीड़िता की सुरक्षा में तैनात 15 पुलिसकर्मी भी लखनऊ सीबीआई मुख्यालय बुलाए गए हैं।