समाचार
सर्वोच्च न्यायालय ने तीन तलाक की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका स्वीकार की

उच्चतम न्यायालय ने आज (23 अगस्त) हाल ही में पारित तीन तालक कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका स्वीकार कर ली है। इसके अलावा, शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए याचिकाओं पर अपनी प्रतिक्रिया मांगी है।

हिंदुस्तान टाइम्स   की रिपोर्ट के अनुसार, उच्चतम न्यायालय में आज न्यायमूर्ति जस्टिस एन वी रमन्ना और अजय रस्तोगी की पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार से चार हफ्तों में जवाब देने को कहा है।

इससे पहले, तीन तलाक विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति के पास भेजा गया था, जहाँ 30 जुलाई को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ ही यह कानून का शक्ल ले लिया।

याचिकाकर्ता के वकील सलमान खुर्शीद ने अदालत में अपनी दलील रखते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के वकील सलमान खुर्शीद ने कहा कि इस कानून की वैधता को परखा जाए। इस कानून से मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। इसमें मुस्लिम पुरुषों को तीन साल तक की सजा समेत अन्य प्रावधान सही नहीं हैं।

याचिकाकर्ताओं ने तीन तलाक को गंभीर अपराध के दायरे में लाने के प्रावधान को असंवैधानिक करार देने की मांग की है। तीन तलाक कानून के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में तीन याचिकाएँ दाखिल की गई थी।