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डीआरडीओ के युद्धक टैंक अर्जुन मार्क-1ए का सफल परीक्षण, मिसाइल का भी असर नहीं

मेक इन इंडिया के तहत भारतीय सेना और डीआरडीओ ने संयुक्त रूप से पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में उन्नत युद्धक टैंक अर्जुन मार्क-1ए का सफल परीक्षण किया। इसमें डीआरडीओ ने करीब 14 नई विशेषताएँ शामिल की हैं।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, सेना में यह हंटर किलर के नाम से जाना जाता है। इसके 118 टैंक खरीदने का ऑर्डर दिया गया था लेकिन सेना ने इसमें कुछ सुधार की मांग की थी।

अर्जुन मार्क-1ए की शक्ति क्षमता को काफी बढ़ाया गया है। सेना ने इसे रूस के टी-90 की तरह बनाया है। डीआरडीओ का दावा है कि यह कई सुधारों के बाद अपने आप में परिपूर्ण हो गया है। यह दुनिया के किसी भी बेहतरीन टैंक से कम नहीं है।

यह अपने लक्ष्य को स्वयं खोजने में सक्षम है। यह खुद तेज़ी से आगे बढ़ते हुए दुश्मन के लगातार हिलने वाले लक्ष्यों पर सटीक वार कर सकता है। टैंक में कमांडर, गनर, लोडर और चालक का क्रू होगा। उनको यह युद्ध के दौरान पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करेगा।

परमाणु बम या केमिकल अटैक की स्थिति में इसमें अलार्म बज जाएगा। यह रणक्षेत्र में बिछाई गई बारूदी सुरंग को साफ करते हुए आसानी से आगे बढ़ सकेगा। कंधे से छोड़े जाने वाली एंटी टैंक ग्रेनेड और मिसाइल का इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। टैंक के अंदर ऑक्सीजन के लिए बेहतरीन फिल्टर लगाए गए हैं।