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पंजाब ने अक्टूबर में गत वर्ष से अधिक जलाई पराली, उत्तर प्रदेश व हरियाणा में आई कमी

इस वर्ष 1 से 23 अक्टूबर के बीच हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित तीन राज्यों में जलाई गई पराली के मामलों में पंजाब सबसे अधिक 82 प्रतिशत जिम्मेदार है।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान तीन राज्यों में पराली जलाने के कुल 14,326 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 11,796 पंजाब में, 1,944 मामले हरियाणा और 586 उत्तर प्रदेश में हुए। पंजाब में इस तरह के मामलों की कुल संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले 2.4 गुना बढ़ गई है। गत वर्ष इसी अवधि के दौरान पंजाब में पराली जलाने के 4,889 मामले दर्ज किए गए थे।

सिर्फ 23 अक्टूबर को उपग्रहों ने तीनों राज्यों में पराली जलाने के 1,471 मामलों का पता लगाया, जिनमें से पंजाब में इसका 86 प्रतिशत हिस्सा था। 23 अक्टूबर को पंजाब में 1,267 मामलों का पता चला, जबकि 133 और 71 मामलों में क्रमशः हरियाणा और यूपी पाया गया।

अमृतसर, तरनतारन और फिरोजपुर में इस तरह के सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। हरियाणा में, कैथल, करनाल और कुरुक्षेत्र में ऐसे मामलों की एक बड़ी संख्या देखी गई थी।

हरियाणा और उत्तर प्रदेश ने गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष पराली जलाने के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की। हरियाणा में ऐसे मामलों की संख्या 30 प्रतिशत गिर गई, जो गत वर्ष 2,806 से इस वर्ष 1,944 हो गई है। उत्तर प्रदेश में संख्या में 33 प्रतिशत की गिरावट आई, जो गत वर्ष 879 से इस वर्ष 586 थी।

यह भी गौर करना चाहिए कि 23 अक्टूबर को किसानों को खेतों से पराली को बाहर निकालने के लिए 27,000 मशीनों की आपूर्ति लक्ष्य के खिलाफ पंजाब ने सिर्फ 52 प्रतिशत मशीने ही वितरित कीं, जो हरियाणा और उत्तर प्रदेश की अपेक्षा क्रमशः 70 प्रतिशत और 69 प्रतिशत से बहुत कम हैं।