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रोजगार, मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए आवास, सड़क विक्रेताओं, किसानों हेतु योजनाएँ

गुरुवार (14 मई) को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि वनीकरण योजना (कैंपा) पर 6,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएँगे जिससे आदिवासियों और जनजातियों को रोजगार मिल सके।

सड़क पर सामान बेचने और घरेलू काम करने वालों के लिए एक महीने के भीतर विशेष योजना लाई जाएगी। इसके तहत 50 लाख लोग 10,000 रुपये तक का ऋण उठा सकेंगे। डिजिटल भुगतान का उपयोग करने वालों को इससे और लाभ मिलेगा।

6-18 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए ऋण संबंधी सब्सिडी योजना को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया है। इससे 2.5 लाख मध्यम वर्गीय परिवारों को लाभ मिलेगा व आवास क्षेत्र में 70,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

छोटे और सीमांत किसानों के लिए 30,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध है। यह नाबार्ड के 90,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त है। 2 लाख करोड़ रुपये की रियायती ऋण सुविधा के तहत किसान क्रेडिट कार्ड योजना से 2.5 करोड़ और किसानों को जोड़ा जाएगा। इससे मत्स्यपालन और पशुपालन करने वाले किसान भी जुड़ सकेंगे।