समाचार
घाटी में हथियार उठाने वाले 83 प्रतिशत आतंकवादी होते हैं पत्थरबाज- केजेएस ढिल्लन

चिनार कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने कश्मीरी माताओं से घाटी के युवाओं को सुरक्षाबलों पर पथराव करने जैसी गतिविधियों से बचने की अपील की है।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, ढिल्लन ने कहा, “सुरक्षा बलों ने बंदूक उठाने वाले युवकों का गहन विश्लेषण किया। इसमें उन्होंने पाया कि उनमें से 83 प्रतिशत के नाम पर पत्थरबाजी का रिकॉर्ड था। अगर आज आपका बच्चा 500 रुपये के लिए सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंकता है तो वह कल आतंकवादी बन जाएगा। अधिकांश आतंकवादियों को उनकी गतिविधियों के पहले वर्ष में सुरक्षाबलों ने मार गिराया था।”

ढिल्लन ने कश्मीर के अभिभावकों से अपील की, “2019 में आतंकवादी समूहों में शामिल होने के 10 दिनों के भीतर 7 प्रतिशत आतंकवादियों को मार दिया गया था। हथियार उठाने वाले 64 प्रतिशत आतंकवादियों का पहले वर्ष में ही खात्मा कर दिया गया। मैं राज्य के अभिभावकों से अनुरोध करता हूँ कि आप अपने बच्चे को पत्थर मारने से रोकें। अगर वह आगे जाकर हथियार उठाते हैं और आतंकवादी बनते हैं तो उन्हें पहले वर्ष के भीतर खत्म कर दिया जाएगा।”

कमांडर का बयान ऐसे वक्त आया, जब हिंदू तीर्थयात्रियों को घाटी में न रहने और घर वापस जाने के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई। अमरनाथ यात्रा पर हमले की पाकिस्तान की योजना को सेना ने एम-24 अमेरिकी स्नाइपर राइफल और पाकिस्तान आयुध निर्माण चिह्नों के साथ बारूदी सुरंग की खोज करके उजागर किया है।