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सबरीमाला प्रथा का हनन, तीसरी 46 वर्षीय महिला का मंदिर में प्रवेश, धारा 144

कम्युनिस्ट केरल सरकार की सहायता से दो महिलाओं के सबरीमाला में गुप्त रूप से प्रवेश के एक दिन बाद गुरुवार (3 जनवरी 2019) को श्रीलंका की तमिल महिला शशिकला अपने पति के साथ सबरीमाला में गई, टाइम्स ऑफ़ इंडिया  ने रिपोर्ट किया। नेदुमंगद औ वलियमाला पुलिस थानों के क्षेत्रों में तीन दिन तक के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है।

पहले की दो महिलाओं की तरह नहीं, शशिकला ने मंदिर में प्रवेश करने के लिए 18 पवित्र सीढ़ियों का प्रयोग किया। मार्ग में शशिकला की सहायता पुलिसकर्मियों ने की। प्रदर्शन कर रहे भक्तों को भ्रमित करने के लिए मरकूट्टम से एक नए पुलिस दल ने उनकी सहायता की और श्रद्धालुओं ने सोचा कि इस मिशन को त्याग दिया गया है।

यह घटना तब हुई जब राज्य भर में हिंदू समुदाय द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। इन प्रदर्शनों में भक्तों, विभिन्न विचारधाराओं के कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हुआ। यह प्रदर्शन हिंसात्मक तब हो गया जब सबरीमाला कर्मा समिति के एक कार्यकर्ता की पत्थरबाज़ी के कारण मृत्यु हो गई। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया, जिसपर कट्टरवादी इस्लाम और आतंकी संगठनों का समर्थन करने का आरोप है, के सदस्यों ने तीन भाजपा कार्यकर्ताओं पर छुरे से भी वार किया। 21 पुलिसकर्मियों समेत कुल 100 लोग इस घटना में घायल हुए।

जब भाजपा और कांग्रेस नेता प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आए तब सीपीआई (एम) के केरल मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल निर्णय की अवमानना कर रहे हैं। केरल के संघ प्रमुख पीईबी मेनन ने मांग की है कि ऑर्डिनेन्स के माध्यम से प्रजनन आयुवर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाए।