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भारतीय उपग्रह रीसैट-2बीआर1, नौ विदेशी उपग्रहों का इसरो द्वारा 11 दिसंबर को प्रक्षेपण

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि भारत का ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) 11 दिसंबर को देश के नवीनतम भारतीय जासूसी उपग्रह रीसैट-2बीआर1 और नौ अन्य विदेशी उपग्रहों को प्रक्षेपित करेगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अनुसार दोपहर 3.25 बजे पीएसएलवी-सी48 रॉकेट रीसैट-2बीआर1 उपग्रह को लेकर अंतरिक्ष की ओर जाएगा। रीसैट-2बीआर1 एक राडार छवि द्वारा पृथ्वी का अवलोकन करने वाला उपग्रह है जिसका वजन लगभग 628 किलोग्राम है।

आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा रॉकेट तट के पहले प्रक्षेपण पैड से इसके प्रक्षेपण की शुरुआत होगी जिसके बाद जासूसी उपग्रह रीसैट-2बीआर1 को 576 किलोमीटर की कक्षा में स्थापित किया जाएगा और उपग्रह पाँच साल अपनी कक्षा में बना रहेगा।

भारतीय उपग्रह के साथ कुछ अन्य उपग्रह भी प्रक्षेपित किए जाएँगे जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका के चार विदेशी उपग्रह (बहु-मिशन लेमूर-4 उपग्रह, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन टायवाक-0129 उपग्रह, पृथ्वी इमेजिंग-1होपसैट उपग्रह), इज़रायल का सुदूर संवेदन दुचिफट-3 उपग्रह, इटली का खोज और बचाव टायवाक-0092 उपग्रह और जापान का क्यूपीएस-एसएआर राडार छवि द्वारा पृथ्वी का अवलोकन करने वाला उपग्रह को मिलाकर कुल नौ उपग्रह शामिल हैं।

इन अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के उपग्रहों को न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के साथ मिलकर एक वाणिज्यिक व्यवस्था के तहत प्रक्षेपित किया जा रहा है।

इसरो के अनुसार, उपग्रहों को पीएसएलवी-क्यूएल मॉडल द्वारा ले जाया जाएगा। इस रॉकेट में चार स्ट्रैप-ऑन मोटर्स होंगे और 11 दिसंबर की उड़ान इस रॉकेट के लिए दूसरी अंतरिक्ष यात्रा होगी।

प्रक्षेपण मिशन के लगभग 21 मिनट में समाप्त होने की उम्मीद है और आखिर में ग्राहक उपग्रहों को कक्षा में रखा जाएगा।

अब तक, इसरो ने 310 विदेशी उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया है और यदि 11 दिसंबर का यह मिशन सफल हो जाता है तो यह संख्या बढ़कर 319 हो जाएगी।