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स्पुतनिक-वी की पहली खेप 1 मई को पहुँचेगी भारत, रूसी टीके को 60 देशों में स्वीकृति

रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) की स्पुतनिक-वी वैक्सीन की पहली खुराक 1 मई को भारत पहुँच जाएगी। इसकी जानकारी आरडीएफआई के सीईओ किरिल दिमित्रीव ने सोमवार को दी। हालाँकि, इसकी जानकारी नहीं दी गई कि देश को कितनी वैक्सीन की खेप मिलेंगी।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, किरिल दिमित्रीव ने कहा, “उम्मीद है कि रूस की यह वैक्सीन आपूर्ति भारत को कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से बाहर निकालने में मदद करेगी। भारत भी इस वैक्सीन का अहम निर्माता है।”

रूस की स्पुतनिक-वी दुनिया में सबसे पहले कोरोना वैक्सीन के रूप में दर्ज हुई थी। इसे 60 देशों में स्वीकृति मिली है। मेडिकल जर्नल द लैंसेट में छपी रिपोर्ट में एक अंतरिम अध्ययन में इसे 91.6 प्रतिशत असरदार पाया गया था। शुरुआत में वैक्सीन की क्षमता पर सवाल उठाए गए थे पर बाद में फरवरी में परीक्षण के आए डाटा में इसको सुरक्षित और असरदार बताया गया था।

भारत ने अप्रैल में स्पुतनिक-वी के आपात उपयोग की स्वीकृति दी थी। केंद्रीय औषधि प्राधिकरण की एक विशेषज्ञ समिति ने देश में कुछ शर्तों के साथ रूसी कोरोना टीके के आपात उपयोग को मंजूरी देने की सिफारिश की थी, जिस पर भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने अपनी मुहर लगाई।

बता दें कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन को गमालया नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा विकसित किया गया है।