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योगासन को खेल मंत्रालय ने प्रतियोगी खेल के रूप में मान्यता देने की घोषणा की

केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री (आईसी) श्रीपद नाइक और केंद्रीय युवा एवं खेल मामलों के राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने नई दिल्ली में गुरुवार (18 दिसंबर) को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में योगासन को औपचारिक रूप से प्रतिस्पर्धात्मक खेल के रूप में मान्यता देने की घोषणा की।

आधिकारिक विज्ञप्तनि के अनुसार, संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नाइक ने कहा, “योगासन प्रतियोगिताओं की उत्पत्ति का पता भारतीय योग परंपरा से लगाया गया, जहाँ वर्षों से इस तरह की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती रही हैं। ऐसी प्रतियोगिताएँ आज भी कई स्तरों पर आयोजित की जा रही हैं। हालाँकि, उनको राष्ट्रीय दृश्यता प्रदान करने के लिए एक मजबूत और टिकाऊ संरचना का अभी उभरना बाकी है।”

उन्होंने आगे कहा, “योगासन को प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में मान्यता देने का सरकार का फैसला योग क्षेत्र के हितधारकों के साथ 3 से 4 वर्ष के विचार-विमर्श के बाद आया है। योगासन योग का आंतरिक और महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसकी प्रकृति आत्म-शारीरिक है। सेहत पर इसके प्रभाव को लेकर यह दुनियाभर में प्रसिद्ध है।”

खेल मंत्री किरण रिजिजू ने कहा, “योग के रूप में योगासन की मान्यता से जो प्रतियोगिताएँ होंगी, वे विश्वभर के लोगों में योग के प्रति रुचि बढ़ाएँगी। योगासन एक बहुत ही सुंदर, आकर्षक और लोकप्रिय खेल बनने जा रहा है। ”

उन्होंने यह भी कहा, “दोनों मंत्रालय योगासन को प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में स्थापित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। मंत्रालय योगा खेल को खेलो इंडिया और यूनिवर्सिटी गेम्स में खेल अनुशासन के रूप में शामिल करने की योजना बना रहा है। हम इसे राष्ट्रीय खेलों में भी लाएँगे लेकिन किसी भी खेल का उद्देश्य ओलंपिक में शामिल होना है। इसके लिए यह एक लंबी यात्रा की शुरुआत है।”