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काशी विश्वनाथ मंदिर जाने के लिए सुविधाजनक पथ, जानें इस कॉरिडोर की विशेषताएँ

8 मार्च को बनारस में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर के गलियारे का शिलान्यास किया। काशी विश्वनाथ मंदिर गंगा के घाट पर स्थित है जिसके आस-पास संकरी गलियाँ बनी हैं। मंदिर में प्रति दिन लगभग तीन से चार हज़ार श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और अगर बात करें शिवरात्रि जैसे किसी बड़े अवसर की तो दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ कर एक से तीन लाख के लगभग हो जाती है, ऐसे में भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को असुविधा होती है। कॉरिडोर की मदद से श्रद्धालुओं की यह परेशानी ख़त्म हो जाएगी।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की विशेषताएँ 

  • कॉरिडोर को 400 मीटर लंबा और 50 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है जिसकी वजह से श्रद्धालुओं के निकलने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी।
  • कॉरिडोर गंगा के मणिकर्णिका और ललिता घाट को सीधा काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर से जोड़ेगा।
  • श्रद्धालु कॉरिडोर के साथ बनने वाले संग्रहालय और बनारस की पौराणिक संस्कृति का भी आनंद ले सकेंगे।
  • हवन और यज्ञ के लिए नई यज्ञशालाओं का निर्माण भी किया जाएगा।
  • विशाल सभागार का निर्माण किया जाएगा जिसमें धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।
  • बनारसी और अवधी भोजन परोसने के लिए दुकानें भी होंगी।