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सुरक्षा के लिए अंतरिक्ष विज्ञान- इसरो का जीसैट-7ए करेगा सेना की सहायता

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) 19 दिसंबर को भारतीय वायु सेना व थल सेना को समर्पित एक उपग्रह प्रक्षेपित करेगा, द हिंदू  ने रिपोर्ट किया। सूत्रों के अनुसार इस उपग्रह का 70 प्रतिशत उपयोग वायु सेना व शेष थल सेना के लिए किया जाएगा।

“नेटवर्क-केंद्रित ऑपरेशनों व युद्धनीति की ओर यह एक महत्त्वपूर्ण कदम होगा। इसके माध्यम से अग्रिम क्षेत्रों में व वायु रक्षा केंद्रों में संचार व डाटा लिंकिंग सुलभ हो सकेगी।”, एक वरिष्ठ सैनिक ने बताया।

जीसैट-7ए से भारतीय वायु सेना के कई भूमि स्थित रडार स्टेशन, एयरबेस व एडब्ल्यूएसीएस विमान आपस में जुड़ सकेंगे व इससे नेटवर्क-केंद्रित व विश्व में दूसरे स्थानों के युद्ध में सहायता मिलेगी। जीसैट-7ए के प्रयोग से नौसेना भी भूमि स्थित स्टेशनों की जगह उपग्रह नियंत्रित मानव-रहित हवाई वाहनों (यूएवी) से संपर्क स्थापित कर सकेगी।

यह उपग्रह भू-स्थिर कक्षा में रखा जाएगा। इसका प्रक्षेपण जीएसएलवी-एफ11 रॉकेट द्वारा होगा। इस उपग्रह का वजन 2250 किलोग्राम होगा व यह 35वाँ संचार उपग्रह है। भारतीय क्षेत्र में इसकी संचार क्षमता क्यू-बैंड में है। क्यू-बैंड के माध्यम से विमानों के बीच तत्काल संपर्क हो पाएगा।