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दक्षिण कोरिया करेगा 5जी सेवा की शुरुआत, चीन और अमेरिका को छोड़ा पीछे

दक्षिण कोरिया 5 अप्रैल को अपने देश में करेगा 5जी मोबाइल सेवाओं की शुरुआत और ऐसी आधुनिक तकनीक अपनाने वाला पूर्वी एशिआई देशों में सबसे पहला देश बन जाएगा, द इकोनॉमिक्स टाइम्स  ने रिपोर्ट किया।

5जी को ऐसी महत्त्वपूर्ण तकनीक बताया जा रहा है जो कि टेलीफोन से लेकर बिजली के वाहनों को चलाने में भी मदद करेगी। ‘इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स’ को अत्यंत तेज़ गति डाटा की आवश्यकता होती है, जो सिर्फ 5जी ही दे सकता है।

अभी तक अमेरिका और चीन भी इस 5जी की तकनीक को जल्द से जल्द अपनाने की होड़ में लगे हुए हैं। और इसी सिलसिले में प्रौद्योगिक कंपनी हुआवे भी शामिल है।

हालांकि दक्षिण कोरिया अपने बेहतरीन और सबसे तेज़ इंटरनेट के बारे में जाना जाता है। पर यह देश अपनी धीमी रफ्तार से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था को तेज़ करने के लिए 5जी को अपनाने जा रहा है।

लंदन आधारित ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशन के अनुसार 5जी का बाज़ार 2034 तक 565 अरब डॉलर का हो जाएगा।

अभी तक 5जी की इस दौड़ में चीन सबसे शीर्ष पर चल रहा था जहाँ उसके पास 5जी के 3,400 पेटेंट थे और अमेरिका फ़िनलैंड और दक्षिण कोरिया जैसे छोटे देशों से भी पीछे सिर्फ 1,368 पेटेंटों के साथ था।