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सोनिया गांधी के विरोधाभासी बयान- चिकित्सा क्षेत्र को आर्थिक सहायता व टीका मुनाफाखोरी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार (27 अप्रैल) को नरेंद्र मोदी सरकार पर कोविड-19 महामारी के दौरान चिकित्सा क्षेत्र का आर्थिक रूप से समर्थन नहीं करने का आरोप लगाया है। इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “सरकार द्वारा चिकित्सा क्षेत्र को आर्थिक रूप से किसी भी तरह की सहायता नहीं मिली है।”

कांग्रेस अध्यक्ष के इन कटाक्षों को कई लोग विरोधाभास के रूप में पहचान रहे हैं, जो बताता है कि चिकित्सा क्षेत्र को अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए अधिक वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता है। उन्होंने वैक्सीन निर्माताओं पर मुनाफाखोरी का भी आरोप लगाया है।

सोनिया गांधी ने कहा, “दुख की बात है कि हमारी ऐसी स्थिति है, जहाँ हम एक देश में रहते हैं और दो वैक्सीन निर्माताओं के बीच पाँच वैक्सीन के अलग दामों के साथ। टीके की इस मुनाफाखोरी और भेदभावपूर्ण कीमत पर मोदी सरकार मूकदर्शक कैसे बनी रह सकती है?।”

उन्होंने कहा, “यह इस तर्क को बल देता है कि सरकार महामारी के बीच में लोगों की कीमत पर ध्यान न देकर वैक्सीन की मुनाफाखोरी में उलझी हुई है।” गौर करने वाली बात यह है कि सोनिया गांधी भी कहती हैं कि सरकार को कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में एक भागीदार के रूप में उद्योग जगत को शामिल करना चाहिए।