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“पूर्वी लद्दाख से सेना वापसी भारत-चीन के अविश्वास के कारण धीमी”- जनरल बिपिन रावत

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार (11 जून) को कहा कि पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों की वापसी की कार्रवाई दोनों पक्षों के एक-दूसरे के प्रति अविश्वास के कारण धीमी रही है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जनरल बिपिन रावत ने साफ किया कि भारत के लिए चीन पाकिस्तान की तुलना में एक बड़ी सुरक्षा चुनौती थी। भारत ने बीजिंग को सूचित किया है कि पूर्वी लद्दाख में यथास्थिति की बहाली जैसा कि अप्रैल 2020 में अस्तित्व में थी, भारत की अंतिम माँग है।

जनरल रावत ने यह भी कहा कि अगर ऐसा होता है तो एक-दूसरे पर किसी तरह का विश्वास होगा, संतुष्टि होगी कि इससे आगे बढ़ने की संभावना नहीं है।” उन्होंने कहा, “मुझे पूरा यकीन है कि दोनों पक्ष यथास्थिति में लौटने की कोशिश कर रहे हैं।”

यह गौर किया जाना चाहिए कि जनरल रावत के बयान ऐसे समय में आए हैं, जब वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ परिचालन स्थिति की समीक्षा करने के लिए भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों की अगले सप्ताह बैठक होने वाली है। समीक्षा बैठक 16 से 18 जून तक होने वाली है और इसकी अध्यक्षता भारतीय सेना के प्रमुख जनरल एमएम नरवाणे करेंगे।