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भारत ने तुर्की और मलेशिया को फटकारा, कहा- ‘कश्मीर पर बोलने से पहले ज़मीनी हकीकत जानें’
आईएएनएस - 5th October 2019

भारत ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के रुख का समर्थन करने वाले तुर्की और मलेशिया के बयानों को पक्षपातपूर्ण करार दिया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन और मलेशियाई प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद द्वारा कश्मीर पर दिए बयानों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “दोनों नेताओं ने ज़मीनी हकीकत जाने बिना बयान दिए हैं। उन्हें ऐसी टिप्पणी करने से बचना चाहिए।”

महाथिर मोहम्मद ने 74वें संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कहा था, “जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के बावजूद उस पर हमला किया गया और कब्जा कर लिया गया। इस कार्रवाई की वजह हो सकती है पर यह गलत है। समस्या को हल करने के लिए भारत को पाकिस्तान के साथ काम करना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र की यह अनदेखी संयुक्त राष्ट्र और कानून के नियमों की अवहेलना को जन्म देगी।”

इस पर रवीश कुमार ने कहा, “जम्मू-कश्मीर ने अन्य सभी रियासतों की तरह भारत संग विलय का फैसला किया था, जबकि पाकिस्तान ने हमला किया और राज्य के एक हिस्से पर अवैध कब्जा कर लिया। मलेशिया की सरकार को दोनों देशों के बीच के दोस्ताना संबंधों को ध्यान में रखना चाहिए और ऐसी टिप्पणी करने से बचना चाहिए।”

तुर्की के एर्दोगन ने कहा था, “संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के बावजूद कश्मीर में 80 लाख लोग फंसे हैं।” उन्होंने संघर्ष की बजाय कश्मीर मुद्दे को बातचीत से हल करने को कहा। साथ ही इस मुद्दे पर ध्यान देने में विफल रहने के लिए अंतर-राष्ट्रीय समुदाय की आलोचना भी की।

इस पर कुमार ने कहा, “हम तुर्की सरकार से इस मुद्दे को लेकर कोई और बयान देने से पहले ज़मीनी हकीकत को जानने की उम्मीद रखते हैं। यह पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है।”