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देशद्रोह के आरोप खारिज होने के बाद एसआईटी के पास पहुँचा एएमयू मामला

एएमयू (अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय) मारपीट मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने दोषियों पर देशद्रोह के आरोपों को ख़ारिज करने के बाद अब एसआईटी (विशेष जांच दल) को इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला 12 फरवरी का है जिस दिन विश्वविद्यालय में सांसद असदुद्दीन औवेसी के दौरे के विरोध में प्रदर्शनर हुआ था और विश्वविद्यालय के दो गुटों के बीच मारपीट की भी घटना सामने आई थी, टाइम्स ऑफ इंडिया ने रिपोर्ट किया।

इस मामले में विश्वविद्यालय के 14 विद्यार्थियों पर देशद्रोह का मामला सामने आया पर ठोस सबूत न होने के कारण आरोपों को ख़ारिज कर दिया गया। इस संबंध में प्रमुख सचिव गृह के स्तर से डीआईजी को आदेश जारी कर दिए गए हैं और डीआईजी द्वारा मंगलवार (5 मार्च) को एसआईटी गठन की औपचारिकता पूरी की जाएगी।

क्या था एएमयू मामला 

विश्वविद्यालय में ओवैसी के विरोध के दिन हिंदू छात्र संग मारपीट की शिकायत करने पहुँचे भाजपा के बरौली विधायक के पुत्र व एएमयू छात्र ठाकुर अजय सिंह रजिस्ट्रार कार्यालय पर धरने पर बैठ गए थे जहाँ उनका विरोध करने एएमयू के दूसरे छात्रों का गुट आ गया था।

इस दौरान हुई खींचतान की खबर पर जब भाजपा जिला प्रवक्ता डॉ. निशित व भाजपा भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष मुकेश लोधी आदि विश्वविद्यालय पहुंचे। उस दौरान एएमयू छात्र उनपर हमलावर हो गए और अजय सिंह, निशित व मुकेश और उनके साथियों के साथ एएमयू के विपक्षी छात्र संघ ने मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट के दौरान विश्वविद्यालय में फायरिंग भी हुई थी, अमर उजाला  ने रिपोर्ट किया।

किसने किसपर करवाया मामला दर्ज 

इस मामले में अभी तक चार मुकदमे दर्ज करवाए जा चुके हैं। पहले भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष ने हमलावरों पर दर्ज करवाया, दूसरा अजय व डॉ. नितीश ने हमलावरों पर ही दर्ज करवाया, तीसरा मुकदमा एएमयू के सुरक्षा कर्मचार्री ने भजपा के कार्यकर्ताओं पर करवाया और चौथा मुकदमा दिल्ली से आए एक चैनल के कर्मचारी ने  एएमयू के सुरक्षा कर्मचारी पर दर्ज करवाया।