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सिंध पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल के सेना द्वारा अपहरण के बाद बगावती तेवर, जाँच के आदेश

सिंध के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस मुश्ताक अहमद महार का कथित रूप से अर्धसैनिक बलों द्वारा अपहरण कर लिया गया था और सफदर एवान को गिरफ्तार करने के आदेश पर जबरन हस्ताक्षर करवाने में लग गए, जिन्होंने इमरान खान की कठपुतली सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। इसके बाद सिंध पुलिस बल के शीर्ष अधिकारी पाकिस्तानी सेना के खिलाफ विद्रोह कर रहे हैं।

सफदर एवान पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के बहनोई हैं।

एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, सिंध पुलिस के शीर्ष अधिकारियों जैसे तीन अतिरिक्त आईजी, 25 डीआईजी, 30 एसएसपी, दर्जनों एसपी, डीएसपी और एसएचओ ने विरोध स्वरूप लंबी छुट्टियों का आवेदन किया।

एडिशनल आईजीपी याकूब मिन्हास की एक छुट्टी की अर्जी में लिखा गया, “सिंध पुलिस के आलाकमान का उपहास और उनके साथ दुस्साहस किया गया, जिसने पूरे प्रांतीय पुलिस बल को ध्वस्त और हैरान कर दिया। ऐसी तनावपूर्ण स्थिति में मेरे लिए काम करना काफी मुश्किल है। पेशेवर तरीके से अपने कर्तव्य का निर्वहन करें। इस सदमे से बाहर आने के लिए मुझे कृपया 60 दिनों की छुट्टी दी जाए।”

आईजीपी महार ने भी घटना के बाद छुट्टी के लिए आवेदन किया और पुलिस अधिकारियों ने भी चेतावनी दी है कि वे अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।

अर्धसैनिक बलों की कार्रवाई से नाराजगी के बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा को इस घटना की जाँच कराने का आदेश देना पड़ा।