समाचार
कपिल सिब्बल ने चिदंबरम की गिरफ्तारी में न्यायालय पर “अधिकार-हनन” का प्रश्न उठाया

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल अपने मुवक्किल और पार्टी के सहयोगी पी चिदंबरम के लिए विक्टिम कार्ड खेलते नज़र आए। चिदंबरम को कल (21 अगस्त) सर्वोच्च न्यायालय से तत्काल अग्रिम जमानत नहीं मिली थी, जिसके बाद सीबीआई ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।

आईएनएक्स-मीडिया मामले में पूछताछ के लिए उनके आवास से हिरासत में लिये गए चिदंबरम को आज न्यायालय में पेश किया जाएगा।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, कपिल सिब्बल ने इस पूरे मामले में सरकार और अदालत की मंशा पर सवाल उठाए हैं। सिब्बल ने कहा, “उन्होंने (उच्च न्यायालय के न्यायाधीश) 25 जनवरी से ही फैसला सुरक्षित रखा था और सात महीने बाद जब रिटायरमेंट के दो दिन बचे तो निर्णय दे दिया।”

सिब्बल ने उच्च न्यायालय के फैसले के समय पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “3.25 पर निर्णय सुनाया गया। निर्णय के बाद हमने अग्रिम जमानत की याचिका दायर की तो इसे शाम चार बजे खारिज कर दिया गया ताकि हम सर्वोच्च न्यायालय भी नहीं जा सकें।”

सिब्बल ने इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में चली सुनवाई पर भी चिंता जाहिर करते हुए कहा, “हमें कहा गया कि मुख्य न्यायाधीश इसपर फैसला लेंगे। जबकि सर्वोच्च न्यायालय पुस्तिका के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश संवैधानिक पीठ में व्यस्त हैं तो नियम यह है कि दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश इसकी सुनवाई करें। हमें अपना अधिकार नहीं मिला। रजिस्ट्रार ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश शाम चार बजे इसपर सुनवाई करेंगे। चार बजे सुनवाई का समय ही नहीं बचता है।”

दरअसल आईएनएक्स-मीडिया में 300 करोड़ की अनियमितता के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद से ही चिंदबरम की गिरफ्तारी के अनुमान लगाए जा रहे थे।