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पुलिस हिरासत में युवक की मृत्यु, शिवराज सिंह चौहान पीड़ित परिवार संग धरने पर बैठे

भोपाल के बैरागढ़ थाने में पुलिस हिरासत में युवक शिवम की मौत के आरोप के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पीड़ित परिवार के साथ धरने पर बैठ गए। उनकी माँग है कि मामले की सीबीआई जाँच हो और पीड़ित परिवार की बेटी को सरकारी नौकरी दी जाए।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को चेताया है कि यदि एक सप्ताह में पीड़ित परिवार की सभी माँगें नहीं मानी गईं तो जनता उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा, “कमलनाथ में ज़रा भी इंसानियत है तो सीबीआई जाँच कराएँ। मैं पीड़ित दिव्यांग माँ-बाप को न्याय दिलाने के लिए आखिरी वक्त तक लड़ूँगा। ”

वहीं, एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें मृतक शिवम के परिजन खुद ही उसकी अंगूठी और अन्य सामान निकालते नज़र आ रहे हैं। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उन्होंने शिवम की चेन और अंगूठियाँ लूट ली हैं।

मंगलवार देर रात शिवम मिश्रा और गोविंद शर्मा की गाड़ी बीआरटीएस कॉरिडोर की रेलिंग से टकरा गयी थी। आरोप है कि बैरागढ़ पुलिस दोनों युवकों को पकड़कर थाने ले गई और उनकी वहाँ जमकर पिटाई की। कहा जा रहा है कि दोनों युवक एक ढाबे से खाना खाकर लौट रहे थे।

शिवम के पिता का आरोप है कि पुलिस हिरासत में उनके बेटे को पीट-पीटकर मार डाला गया। उसके बाद मामले को दूसरी ओर मोड़ने के लिए उसके मुँह में शराब डाली गई।