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शशि थरूर ने विवादित बयान पर मांगी माफी, नपुंसक पर एलजीबीटीक्यू चुप रहने पर घिरा

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मंगलवार को आप प्रमुख और दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सीएए के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर निष्क्रियता बरतने और बिना जिम्मेदारी के सत्ता चाहने वाले नपुंसक के बयान को लेकर माफी मांगी है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, थरूर ने सोमवार को साक्षात्कार में कहा था, “केजरीवाल ने सीएए और एनआरसी को खत्म करने वाले बयान दिए थे लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।”

उन्होंने कहा था, “अपने राज्य में हिंसा के पीड़ितों के प्रति मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कोई मानवीय करुणा नहीं दिखाई। अगर किसी राज्य में छात्रों के साथ ऐसी हिंसा होती तो मुख्यमंत्री जरूर उनसे मिलने जाते और सहानुभूति जताते। केजरीवाल वास्तव में जिम्मेदारी के बिना सत्ता चाहते हैं जैसा कि नपुंसक हमेशा से चाहते हैं।”

उनकी टिप्पणी के बाद ट्विटर पर लोगों ने नाराजगी दिखाई। कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस टिप्पणी पर एलजीबीटीक्यू समुदाए की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने कहा, “शशि थरूर ने केजरीवाल को नपुंसक कहा लेकिन ट्विटर पर एलजीबीटीक्यू समुदाय नाराज नहीं है क्योंकि यह कांग्रेस पार्टी के एक अंग्रेजी बोलने वाले सांसद से आता है। विडंबना है कि इस सांसद ने धारा 377 में संशोधन करने के लिए एक विधेयक पेश किया था। क्या वे सब कुछ करते हैं?

इसके बाद थरूर ने ट्वीट किया, “मैं उन सभी से माफी मांगता हूँ, जिन्हें मेरा बिना जिम्मेदारी के सत्ता’ बोलना पसंद नहीं आया। ये ब्रिटिश राजनीति की पुरानी लाइन है, जो किपलिंग, पीएम स्टेनली बाल्डविन और हाल ही में टॉम स्टॉपर्ड द्वारा बोली गई थी। मैं मानता हूँ कि इस लाइन का उपयोग करना अनुचित था इसलिये मैं अपने शब्दों को वापस लेता हूँ।”

रिपोर्ट के अनुसार, 5 जनवरी को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद से थरूर केजरीवाल की आलोचना कर रहे हैं।