समाचार
पीएफआई के संपर्क में था शरजील, उत्तर प्रदेश में एक वर्ष से बन रही थी हिंसा की साजिश

शरजील इमाम से पूछताछ में पता चला कि वह पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के नौ लोगों के संपर्क में था। उनसे उसकी लगातार बातचीत होती थी। ये सभी वॉट्सैप ग्रुप मुस्लिम स्टूडेंट ऑफ जेएनयू और मुस्लिम स्टूडेंट ऑफ जामिया से जुड़े थे। उधर, उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार हुए पीएफआई के 108 सदस्यों के खातों की जाँच से ईडी कई बड़े खुलासे कर सकती है। पता चला है कि एक साल से संगठन हिंसा और उपद्रव की साजिश रच रहा था।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, शरजील के मोबाइल की जाँच के बाद पुलिस ने जामिया और एएमयू के 15 छात्रों की पहचान की। ये सब उसके संपर्क में थे। पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस दिया है। वहीं, सोमवार को खत्म हो रही शरजील की रिमांड को तीन दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, शरजील के लैपटॉप और डेस्कटॉप की जाँच में पता चला कि उसने जामिया हिंसा से पूर्व उर्दू और अंग्रेजी में भड़काऊ पोस्टर बनाए थे। इसको उसने कई वॉट्सैप ग्रुप पर पोस्ट किया था। उसके मोबाइल की जाँच हो रही है। मोबाइल से हटाए गए डाटा को फिर से निकालने के बाद उसमें कई भड़काऊ वीडियो भी मिले हैं।

उधर, दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में गत एक वर्ष से पीएफआई भड़काऊ पोस्टरों के जरिये विशेष वर्ग के युवाओं को सरकार के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने मुकदमे भी दर्ज किए पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ईडी ने राज्य में हिंसात्मक प्रदर्शनों के दौरान पीएफआई और उसके सहयोगियों के बैंक खातों की जाँच की तो कुछ खास तिथियों में पीएफआई के खातों में बड़ी रकम जमा और निकाले जाने के तथ्य मिले। इसके बाद ही संगठन के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई प्रदेश में तेज कर दी गई।