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एसएफआई सदस्या ने लिखा खुला खत, आरोप लगाया- “भाजपाइयों के साथ सोने को कहा”

कोलकाता में प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने फेसबुक पोस्ट में खुलासा किया है कि वामपंथी छात्र दल समूह फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के एक सदस्य ने उनसे भाजपा के सदस्यों के साथ कैंपस में सोने की कोशिश करने को कहा, ताकि वो रणनीति के तहत भाजपा को बाहर कर सकें।

छात्रा प्रियंका दास ने अपने पोस्ट में कहा, “यह सब पहले साल में शुरू हुआ, जब मयाबन गांगुली मेरे पास आए और कहा कि मुझे कैंपस में भाजपा के लोगों के साथ सोने की कोशिश करनी चाहिए। मुझे पीड़ित होने वाली चाल चलनी होगी। उसके बाद एसएफआई उसे बचाने के लिए आएगा और इस तरह वो भाजपा को बाहर कर देंगे। मैं यह सब सुनकर आश्चर्यचकित रह गई थी क्योंकि मैं शहर को नहीं जानती थी लेकिन मैंने सोचा था कि मैं छोटे से शहर से आई हूँ तो यहाँ सबकुछ अच्छा होगा। मैं तब और अब भी उनकी बातों से असमहत थी।”

फेसबुक पोस्ट में दास ने एसएफआई पर उसकी शिकायत को गंभीरता से ना लेने का आरोप लगाया। पोस्ट में उन्होंने कहा, “हाँ, मैं प्रियंका दास हूँ, जो अध्यक्ष पद की बहस में एसएफआई के लिए चिल्लाई, उनके नकली शब्दों पर विश्वास किया, यह सोचकर कि वे वास्तव में माल्याबेन गांगुली के बारे में कुछ करेंगे।”

दास ने आगे कहा कि वह न तो कोई कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रही हैं और न ही उनके पास इस बात को सच साबित करने के लिए कोई सुबूत है। एक वेबसाइट ने प्रियंका दास से बात करने के लिए संपर्क किया। हालाँकि, इस पर दास ने बोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने एक मैसेज के जरिए जवाब दिया कि वह विश्वविद्यालय तक इस बात को रखना चाहेंगी। यह कोई औज़ार नहीं है, जिसका उपयोग दक्षिणपंथी प्रचार को साझा करने के लिए कर सके।