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2021 में डिजिटल होगी जनगणना, एनपीआर पर 12,000 करोड़ खर्च करेंगे- अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “अगली जनगणना मार्च 2021 में एक मोबाइल ऐप के जरिए की जाएगी। केंद्र सरकार अगली जनगणना के साथ राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की तैयारी पर लगभग 12,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

डिजिटल तकनीक के उपयोग के साथ अमिश शाह ने कहा, “2021 में जनगणना के लिए पहचान के सभी रूपों जैसे आधार, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) को एकसाथ जोड़कर एक मंच पर लाने की योजना है।” उनका इशारा इन सब के लिए एक कार्ड मुहैया करवाने की तरफ था।

लाइवमिंट के हवाले से अमित शाह ने कहा, “2021 की जनगणना में एक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। यह प्रक्रिया पेपर से डिजिटल की तरफ बढ़ेगी।”

केंद्र सरकार ने सितंबर 2020 तक एनपीआर को चालू करने के लिए एक लक्ष्य निर्धारित किया है। यह असम में किए गए पैन-इंडिया नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) को पूरा करने के आधार पर काम करेगा।

गृह मंत्री ने कहा, “जनसंख्या जनगणना एक प्रक्रिया है, जो लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने में मदद करती है। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) सरकार को देश के कई मुद्दों को हल करने में मदद करेगा। 2011 की जनगणना के आँकड़ों का इस्तेमाल उज्ज्वला योजना में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपयोग के दायरे को बढ़ाने के लिए किया गया था। ”

अमित शाह ने आगे कहा, “एनपीआर के माध्यम से भारत में एक बहुउद्देशीय पहचान दस्तावेज होगा, जिसमें आधार और पैन कार्ड जैसे सभी विवरण होंगे।”