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बॉम्बे उच्च न्यायालय ने रोका मेट्रो कार शेड का भूमि आवंटन, ठाकरे सरकार को झटका

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मेट्रो कार शेड के लिए कंजुरमार्ग में 102 एकड़ भूमि के आवंटन पर अंतरिम रोक लगा दी है।

मुंबई मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, महा विकास अघाड़ी सरकार 3, 4, 4ए और 6 की लाइनों के लिए कंजुरमार्ग में एक समेकित कार शेड का निर्माण करना चाह रही है।

केंद्र सरकार ने विवादित भूमि पर अधिकार का दावा करने वाले अन्य पक्षों के साथ उच्च न्यायालय के समक्ष सुनवाई की।

मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) को इस बीच यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा गया है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अक्टूबर में उपनगरीय गोरेगाँव में आरे दूध कॉलोनी से कार शेड परियोजना को कंजुरमार्ग स्थानांतरित कर दिया था, जो तथाकथित पर्यावरण कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांग रही है।

केंद्र सरकार ने उच्च न्यायालय में फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी। हालाँकि, कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा, “राजस्व रिकॉर्ड बताते हैं कि कार डिपो के लिए कलेक्टर द्वारा एमएमआरडीए को आवंटित भूमि महाराष्ट्र राज्य की है।”

उद्धव ठाकरे के एक अधिकारी ने कहा, “यह भूमि मेट्रो लाइन 3 के अलावा 6, 4 और 14 के लिए महत्वपूर्ण है। यह सरकार के लगभग 5500 करोड़ रुपये बचाएगी और 1 करोड़ नागरिकों के लिए एक नोडल बिंदु होगी।”