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सीरम इंस्टीट्यूट का अगले माह से बच्चों पर कोवोवैक्स का नैदानिक परीक्षण संभव- रिपोर्ट

पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) अगले माह से बच्चों पर नोवावैक्स की कोविड-19 वैक्सीन के नैदानिक ​​​​परीक्षण शुरू कर सकता है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, एसआईआई ने भारत में अपने पुनः संयोजक नैनोपार्टिकल प्रोटीन आधारित वैक्सीन एनवीएक्स-कोव2373 के निर्माण के लिए अमेरिका स्थित नोवावैक्स के साथ भागीदारी की है। नोवावैक्स वैक्सीन भारत में कोवोवैक्स के नाम से बनेगी।

कोवोवैक्स चरण दो और तीन के सेतु परिक्षणों के उन्नत चरणों में भी है। इसके लिए सीरम इंस्टीट्यूट ने 15 जगहों पर 18 वर्ष से अधिक के 1,600 प्रतिभागियों का नामांकन किया है। पुणे स्थित वैक्सीन निर्माता को सितंबर में भारत में कोवोवैक्स लॉन्च करने की अपेक्षा है।

भारतीय दवा नियामक द्वारा जब एसआईआई को बच्चों पर कोवोवैक्स के नैदानिक ​​परीक्षण करने की अनुमति दी जाएगी तो यह टीका भारत में बच्चों पर परीक्षण किया जाने वाला तीसरा जैब बन जाएगा। भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और ज़ायडस कैडिला के जायकोव-डी दो अन्य टीके हैं, जिनका वर्तमान में देश में बच्चों पर परीक्षण किया जा रहा है।

अमेरिका और मैक्सिको में नोवावैक्स टीके के बड़े नैदानिक परीक्षण के बाद सप्ताह के शुरुआत में घोषणा की गई थी कि उसकी कोविड-19 वैक्सीन ने देर के चरण में 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावकारिता दिखाई है।