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पाकिस्तान की दो भारतीयों को आतंकी घोषित करने की मांग सुरक्षा परिषद ने की खारिज

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बुधवार (2 सितंबर) को 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत दो भारतीय नागरिकों को आतंकी के रूप में नामित करने की पाकिस्तान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने जिन चार भारतीय नागरिकों को प्रतिबंधित समिति के तहत प्रतिबंधित सूची में डालने के लिए उनके नाम बताए थे, उनमें अंगारा अप्पाजी, गोबिंद पटनायक, अजय मिस्री और वेणुमाधव डोंगरा थे। उनका आरोप था कि ये सभी अफगानिस्तान आधारित समूह का हिस्सा थे। उन्होंने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और जमात-उल-अहरार द्वारा आतंकी हमलों को संगठित करने में मदद की।

पाकिस्तान की इस कोशिश पर अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और बेल्जियम ने तकनीकी माध्यम से रोक लगा दी है। इन देशों की पाकिस्तान से मांग थी कि वह इस मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करे।

सूत्रों की मानें तो मिस्री और डोंगरा के आतंकी होने के दावे को जून-जुलाई में ही अवरुद्ध कर दिया गया था। बुधवार को बाकी दो और भारतीय नागरिकों को आतंकी मानने से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इनकार कर दिया था। परिषद ने कहा, “पाकिस्तान की ओर से चार भारतीयों को आतंकी साबित करने के उनकी ओर से कोई सबूत नहीं पेश किए गए थे।”

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने ट्वीट कर कहा, “धार्मिक चोला उढ़ाकर 1267 विशेष प्रक्रिया का राजनीतिकरण करने की कोशिश को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने नाकाम कर दिया। हम उन को धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने पाकिस्तान की मंशा को विफल किया।”

बता दें कि पड़ोसी देश हमेशा से ये दावे कर रहा है कि भारत अपनी धरती पर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। इससे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हो रही है। हालाँकि, इस बाबत आज तक वह किसी तरह का कोई सबूत पेश नहीं कर पाया है।