समाचार
रंजन गोगोई को बरी करने के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय के बाहर प्रदर्शन, धारा 144 लागू

पूर्व महिला कर्मचारी से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को क्लीन चिट दिए जाने के विरोध में सर्वोच्च न्यायालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। इसको देखते हुए कोर्ट परिसर के आसपास धारा 144 लगा दी गई।

इसमें महिला कार्यकर्ताओं और वकीलों के समूह ने हाथों में तख्तियाँ लेकर प्रदर्शन किया। जैसे ही प्रदर्शन काबू से बाहर होने लगा तो पुलिस को कार्रवाई करते हुए भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा। दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में 30 से अधिक महिला कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

जस्टिस एसए बोबडे की अगुआई वाली तीन सदस्यीय समित में दो अन्य सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस इंदु मल्होत्रा शामिल थे। आंतरिक समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि महिला कमर्चारी के आरोपों में किसी तरह की कोई ठोस वास्तविकता नहीं पाई गई।

आरोप लगाने वाली महिला ने यह कहते हुए कार्यवाही से खुद को अलग कर लिया था कि वो डर गई थी। समिति द्वारा मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को क्लीन चिट देने पर प्रदर्शनकारियों ने कहा, “देश में न्याय प्रणाली गंभीर खतरे में है।”

नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडिया वूमेन (एनएफआईडब्ल्यू) की महासचिव और कट्टरपंथी वामपंथी कार्यकर्ता एनी राजा (जो सीपीआई के वरिष्ठ नेता डी. रजा की पत्नी भी हैं) ने कहा, “महिलाओं ने बहुत लंबे समय तक संघर्ष किया है और आगे भी उनके अधिकारों के लिए हम प्रदर्शन करते रहेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने सभी मौजूदा मानदंडों का उल्लँघन किया है। हम पारदर्शी जाँच चाहते हैं।”