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स्वदेशी तेजस विमानों का दूसरा स्क्वाड्रन वायुसेना में शामिल, देखें चीफ मार्शल की उड़ान

स्वदेशी तेजस के लड़ाकू विमानों का दूसरा स्क्वाड्रन बुधवार (27 मई) को भारतीय वायुसेना में शामिल हो गया। इसे फ्लाइंग बुलेट्स नाम दिया गया है। इसकी शुरुआत वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने विमान उड़ाकर की।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्यक्रम का आयोजन तमिलनाडु के कोयंबतूर के पास सुलूर एयरफोर्स स्टेशन पर किया गया। वायुसेना प्रमुख ने इसे वायुसेना की 18वीं स्क्वॉड्रन को सौंपा। उन्होंने खुद 45वीं स्क्वाड्रन के साथ लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस उड़ाया। उन्होंने एकल सीट वाले लड़ाकू विमान में उड़ान भरी।

एयरफोर्स की 18वीं स्क्वाड्रन अब हल्के लड़ाकू विमान तेजस से लैस होगी। यह विमान उड़ाने वाली एयरफोर्स की यह दूसरी स्क्वाड्रन होगी। इससे पूर्व 45वीं स्‍क्वाड्रन ऐसा कर चुकी है। वायुसेना ने इस हल्के लड़ाकू विमान को एचएएल से खरीदा है। नवंबर 2016 में वायुसेना ने 50,025 करोड़ रुपये में 83 तेजस मार्क-1ए की खरीदी को स्वीकृति दी थी।

यह हवा से हवा में और हवा से भूमि पर मिसाइल दाग सकता है। इसमें एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी लगाए जा सकते हैं। इसे 42 प्रतिशत कार्बन फाइबर, 43 प्रतिशत एल्यूमीनियम एलॉय और टाइटेनियम से बनाया गया है। तेजस एक बार में 54 हजार फीट की ऊँचाई तक उड़ सकता है।