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जावेद बाजवा के विरोध पर जनरल सरफराज को परिवार संग घर में नज़रबंद किया गया

सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के उत्तराधिकारी और पाकिस्तान के दूसरे सबसे वरिष्ठ जनरल सरफराज सत्तार को उनके घर पर परिवार के साथ एक हफ्ते के लिए नज़रबंद रखा गया। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने बाजवा के सेवा विस्तार का प्रमुख रूप से विरोध किया था।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल सरफराज सत्तार सेना प्रमुख जावेद बाजवा के बाद सेना प्रमुख बनने के प्रमुख दावेदार थे। प्रधानमंत्री इमरान खान नियाजी के प्रस्ताव को राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत करने से जनरल सत्तार की सेना प्रमुख बनने की संभावना खत्म हो गईं इसलिए उन्होंने बाजवा के सेवा विस्तार पर विरोध जताया था।

यह भी बताया गया है कि जनरल सत्तार और पाकिस्तानी सेना के छह अन्य नाखुश वरिष्ठ अधिकारियों ने पाकिस्तान सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आसिफ सईद खोसा से मिलकर जनरल बाजवा के विस्तार पर रोक लगाने की बात कही थी।

सर्वोच्च न्यायालय ने जावेद बाजवा के तीन साल के विस्तार को घटाकर सिर्फ छह महीने कर दिया था। इसके बाद सत्तार और उनके परिवार को विरोध करने का खमियाजा भुगतना पड़ा। वह और उनके परिवार के सदस्य सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद से घर में नज़रबंद कर दिए गए।

अदालत के फैसले के बाद पाकिस्तानी संसद के ऊपरी सदन ने इस महीने की शुरुआत में देश के सेना प्रमुख के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए एक बिल पारित किया। ध्यान देने वाली बात यह है कि जब तक जनरल बाजवा का विस्तारित कार्यकाल समाप्त होगा, तब तक सेना के उत्तराधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने के लिए योग्य उम्मीदवारों के होने के बावजूद 24 सेवारत लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त हो जाएँगे।