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राफेल विमान का दूसरा बैच नवंबर में भारत आएगा, पालयट ले रहे फ्रांस में प्रशिक्षण

भारतीय वायु सेना अगले महीने तक फ्रांसीसी कंपनी डसॉ एविएशन द्वारा निर्मित दूसरे राफेल लड़ाकू विमान प्राप्त करने की तैयारी में है।

वायुसेना ने सहायक मुद्दों को समन्वित करने के लिए सहायक वायुसेनाध्यक्षों (परियोजनाओं) के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक टीम भेजी है। पायलटों को फ्रांस के सेंट-डिजायर एयर बेस में बैचों में प्रशिक्षित किया जा रहा है।

भारत को 29 जुलाई को पाँच राफेल लड़ाकू विमानों का पहला बैच मिला था। उन्हें 10 सितंबर को अंबाला एयर बेस में 17 स्क्वाड्रन में शामिल किया गया था।

भारत ने 59,000 करोड़ रुपये की लागत से इनमें से 36 विमानों की खरीद के लिए फ्रांस के साथ एक अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

इस विमान के पहले बैच के शामिल होने के बाद केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राफेल सौदे को खेल-परिवर्तक करार दिया था। उन्होंने कहा था, “मुझे विश्वास है कि हमारी वायु सेना ने राफेल के साथ तकनीकी बढ़त हासिल कर ली है।”

यह 4.5 पीढ़ी का विमान है और इसमें नवीनतम हथियार, बेहतर सेंसर और पूरी तरह से एकीकृत बनावट है। यह एक ओमनी-रोल विमान है, जिसका मतलब है कि यह एक बार में कम से कम चार मिशन कर सकता है।