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कर्नाटक में एसडीपीआई ने वीर सावरकर के चित्र पर 15 अगस्त के जुलूस को किया बाधित

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के तीन सदस्यों को रविवार (15 अगस्त) को दक्षिण कन्नड़ जिले के पुत्तूर तालुक के काबाका में 75वें स्वतंत्रता दिवस के जुलूस को बाधित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवसर पर ग्राम पंचायत ने स्वराज रथ यात्रा निकाली थी। इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र लगाए गए थे और उनमें से एक भाजपा के पूजनीय वीर सावरकर का चित्र भी था।

जैसे ही रथयात्रा शुरू हुई स्थानीय एसडीपीआई कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर विरोध प्रदर्शन किया और आंदोलन को बाधित किया। उन्होंने मांग की कि ग्राम पंचायत अधिकारी टीपू सुल्तान का चित्र तत्काल लगवाएँ। उन्होंने वीर सावरकर और ग्राम पंचायत के विरुद्ध नारेबाजी भी की।

विरोध के एक वीडियो में एक महिला ग्राम पंचायत सदस्य प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश करते हुए दिखाई दे रही कि सावरकर भी एक स्वतंत्रता सेनानी थे। पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और विरोध को शांत करवाया। उन्होंने अजीज़, शमीर और अब्दुल रहमान को हिरासत में लिया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

राज्य भाजपा प्रमुख नलिन कुमार कतील ने कहा, “एसडीपीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। कर्नाटक में हम तालिबानी शैली बर्दाश्त नहीं करेंगे। मैंने इस संबंध में गृह मंत्री से वार्ता की है। यदि संविधान में विश्वास है तो उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से व्यवहार करना चाहिए।” स्थानीय विधायक संजीव मातंदूर ने प्रतिक्रिया दी कि वे कबाका गाँव को कश्मीर नहीं बनने देंगे। जाँच जारी है।

बता दें कि एसडीपीआई पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की एक राजनीतिक शाखा है, जो एक कट्टरपंथी चरमपंथी इस्लामी संगठन है। इसकी देश भर में ढेरों शाखाएँ हैं और मुख्य रूप से कर्नाटक एवं केरल राज्यों में यह सक्रिय है।