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मध्य प्रदेश- बहुमत परीक्षण की मांग पर सर्वोच्च न्यायालय कल करेगा सुनवाई, नोटिस जारी

मध्य प्रदेश में भाजपा की कमलनाथ सरकार के बहुमत परीक्षण की मांग पर अब बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय में सुबह 10.30 बजे सुनवाई होगी। न्यायालय ने सभी पक्षकारों राज्यपाल लालजी टंडन, मुख्यमंत्री कमलनाथ और विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को नोटिस देकर 24 घंटे में जवाब मांगा है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के शिवराज सिंह चौहान समेत 10 विधायकों ने सोमवार को कमलनाथ सरकार के बहुमत परीक्षण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उधर, कांग्रेस ने भी बेंगलुरु में ठहरे 22 विधायकों को वापस लाने के लिए याचिका दायर की थी।

सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से कोई वकील न मौजूद होने पर न्यायालय ने दूसरे पक्ष को सुनने की भी बात कही। इसके बाद सभी पक्षकारों से 24 घंटे में जवाब मांगा है। ये नोटिस ईमेल और वॉट्सैप के जरिए भेजे जाएँगे। साथ ही ईमेल पर बागी विधायकों की अर्जी और याचिका की कॉपी भी पक्षकारों को भेजी जाएगी।

इससे पूर्व, राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को चेतावनी भरा पत्र सोमवार शाम को भेजा था। उन्होंने लिखा, “आपने मेरे 14 मार्च के पत्र का जो उत्तर दिया, उसकी भाषा और भाव संसदीय मर्यादाओं के अनुकूल नहीं हैं। मैंने 16 मार्च को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने का निवेदन किया था। सत्र शुरू हुआ पर विश्वास मत प्राप्त करने की कार्रवाई नहीं हुई, न ही आपने कोई सार्थक प्रयास किया और सदन की कार्रवाई 26 मार्च तक स्थगित हो गई।”