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कर्नाटक- सर्वोच्च न्यायालय कल सुनाएगा 17 अयोग्य ठहराए गए विधायकों पर निर्णय

तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार के आदेशों को चुनौती देने के लिए कर्नाटक के 17 अयोग्य ठहराए गए कांग्रेस-जद (एस) के विधायकों की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय 13 नवंबर को अपना निर्णय सुनाने वाला है।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, तीन न्यायाधीशों न्यायमूर्ति एनवी रमना, संजीव खन्ना और कृष्ण मुरारी की पीठ ने 25 अक्टूबर को इन अयोग्य विधायकों द्वारा दायर याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कुमार ने जुलाई में विश्वासमत से आगे कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन के इन 17 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था।

तत्कालीन मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने विश्वास मत खोने के बाद इस्तीफा दे दिया था, जिसने बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का मार्ग प्रशस्त किया था।

विधायकों की अयोग्यता के बाद खाली हुई 17 विधानसभा सीटों में से 15 के लिए उपचुनाव 5 दिसंबर को होने हैं। उम्मीदवारों को 11 नवंबर से 18 नवंबर के बीच अपना नामांकन पत्र दाखिल करना है। इन अयोग्य विधायकों ने हाल ही में शीर्ष न्यायालय से संपर्क करके चुनाव आयोग से इन 15 सीटों के लिए विधानसभा उपचुनाव को स्थगित करने का निर्देश देने की मांग की थी।

बहस के दौरान कर्नाटक कांग्रेस की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ने इन विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल किया था। सिब्बल ने यह भी कहा था, “इस मामले को एक संविधान पीठ को भेजने की ज़रूरत है क्योंकि यह गंभीर संवैधानिक महत्व के मामलों को उठाता है।”

कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय की ओर से पेश महाधिवक्ता तुषार मेहता ने कहा था, “संविधान की योजना के तहत एक कानूनविद् को इस्तीफा देने का अधिकार है और अध्यक्ष को इसे स्वीकार करना चाहिए।” बता दें कि वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष वी हेगड़े कागेरी हैं।