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“रथयात्रा आयोजन की अनुमति दी तो भगवान जगन्नाथ क्षमा नहीं करेंगे”- सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा इस वर्ष पुरी में नहीं आयोजित की जाएगी। न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता में बैठी तीन सदस्यीय खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की थी।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोनावायरस महामारी की वजह से ओडिशा में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए न्यायालय ने कहा, “यदि रथयात्रा के आयोजन की अनुमति देते हैं तो फिर भगवान जगन्नाथ हमें क्षमा नहीं करेंगे। केवल पुरी ही नहीं बल्कि इस वर्ष पूरे ओडिशा में कहीं भी जगन्नाथ रथयात्रा नहीं होगी।”

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, “ऐसा होने पर सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन होगा और संक्रमण बढ़ेगा। ऐसे में संक्रमण बेकाबू होने की भी आशंका है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए इसे स्थगित करने का निर्णय सुनाया जाता है।”

इस बाबत ओडिशा विकास परिषद ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। बता दें कि 23 जून को भगवान की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा निकाली जानी है। इसके लिए सभी तरह की परंपरा अंतिम चरण में पहुँच गई हैं।