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राहुल-सोनिया की पुनः आय जाँच, आयकर विभाग को सर्वोच्च न्यायालय से मिली अनुमति

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार (4 दिसंबर) को आयकर विभाग को अनुमति दी है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और दीर्घानुभवी कांग्रेस नेता ऑस्कर फर्नान्डिस के 2011-12 वित्तीय वर्ष के आयकर रिटर्न की पुनःसमीक्षा करे, फर्स्टपोस्ट ने बताया। हालाँकि न्यायालय ने यह भी कहा कि यह तब तक कदम न उठाए जब तक न्यायिक कार्यवाही का निपटारा न हो जाए।

राज्य सभा सदस्य सुब्रमणियम स्वामी ने करोड़ों रुपयों की अनियमितता की बात उठाई थी। उन्होंने अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ राहुल गांधी और सोनिया गांधी के विरुद्ध ट्रायल कोर्ट में शिकायत दर्ज की थी। उनका दावा था कि कांग्रेस को यूथ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 50 लाख रुपए का भुगतान करके असोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) के 90.25 करोड़ रुपए के कर्ज़ की वसूली की गई। एजेएल ही कांग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड का संचालक है।

इसके बाद कथित तौर पर आयकर विभाग ने पता लगाया कि अपने 2011-12 के आयकर रिटर्न में राहुल गांधी ने यह बात छिपाई थी कि वे 2010 से यंग इंडिया के निदेशक थे। इसलिए उन्हें पूर्व आँकलित 68 लाख रुपए की आय के बजाय 154 करोड़ रुपए के आय की घोषणा करनी चाहिए थी।

आयकर विभाग ने गांधी परिवार को नोटिस भी भेजा है कि उनकी आयकर रिटर्न की पुनः समीक्षा होगी लेकिन परिवार ने पुनःसमीक्षा रोकने के लिए दिल्ली न्यायालय में योचिका दर्ज की थी। उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया था।