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मुंबई तटीय सड़क परियोजना फिर से शुरू होगी, सर्वोच्च न्यायालय ने हटाई लगी रोक

मंगलवार (17 दिसंबर) को सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा उत्तर मुंबई को दक्षिण मुंबई से जोड़ने वाली तटीय रिंग रोड के निर्माण को बंद करने के निर्णय पर रोक लगा दी है। इस निर्णय के साथ ही तटीय सड़क परियोजना का काम फिर से शुरू हो जाएगा।

मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता में जज बीआर गवाई और जज सूर्या कांत की बेंच ने कहा कि वे प्रथम दृष्टया उच्च न्यायालय के आदेश से सहमत नहीं हैं, और इसलिए राज्य सरकार को निर्माण करने के लिए भूमि को पुनः प्राप्त करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार भले ही बेंच ने निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति दी है लेकिन परियोजना के प्रस्तावक और ठेकेदार तटीय सड़क के दोनों ओर वॉटरपार्क और उद्यान जैसे सहायक विकास कार्य न्यायालय के अगले आदेश तक नहीं कर सकते।

सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले की अंतिम सुनवाई को अप्रैल 2020 तक के लिए टाल दिया है जिसका मतलब है कि ठेकेदार अगले 5 महीनों में पर्याप्त कार्य निष्पादित कर सकता है।

इससे पहले इसी साल जुलाई में सर्वोच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को झटका देते हुए 12,000 करोड़ रुपये की तटीय सड़क परियोजना के लिए तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) और नगर निगम द्वारा निर्माणाधीन ग्रेटर मुंबईको मंजूरी ना देने वाले बॉम्बे उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इस परियोजना से लार्सन एंड टुब्रो जैसे निजी कंपनियाँ भी जुड़ी हुई हैं।

गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने “निर्णय लेने की प्रक्रिया में गंभीर कमी” और “उचित वैज्ञानिक अध्ययन की कमी” का हवाला देते हुए तटीय सड़क परियोजना का काम रोक दिया था, और पर्यावरणीय प्रभाव आँकलन अधिसूचना (ईआईए) के तहत परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी लेने पर ज़ोर दिया था।

(आईएएनएस की सहायता से प्रकाशित)