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सर्वोच्च न्यायालय ने अभद्र टिप्पणी के आरोपी मुनव्वर फारूकी को दी अंतरिम जमानत

हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में जेल में बंद हास्य कलाकार मुनव्वर फारूकी को सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार (5 फरवरी) को अंतरिम जमानत दे दी। उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्णय को चुनौती दी थी, जिसमें जमानत पर छोड़ने से मना कर दिया गया था।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने मुनव्वर फारूकी की याचिका पर सुनवाई की। न्यायालय ने मध्य प्रदेश पुलिस को नोटिस भी जारी किया है।

भाजपा विधायक के बेटे की शिकायत पर फारूकी व अन्य को 1 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि नव वर्ष के उपलक्ष्य पर एक कैफे में आरोपी ने हिंदू देवी-देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की थी।

मध्य प्रदेश में उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के न्यायाधीश रोहित आर्य की एकलपीठ ने 28 जनवरी को दिए अपने निर्णय में कहा था, “मामले की जाँच जारी है। गुण-दोष के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाला जा रहा पर प्रथम दृष्टया दोनों आवेदकों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप सही नज़र आ रहे हैं। इस वजह से जमानत नहीं दी जा सकती है।”