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“अयोध्‍या ढाँचा विध्वंस मामले की सुनवाई 31 अगस्त तक पूरी हो”- सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय ने निचली अदालत में जारी अयोध्‍या ढाँचा विध्वंस मामले के निपटारे के लिए न्यायाधीश एसके यादव के कार्यकाल को 31 अगस्त तक बढ़ा दिया गया। न्यायाधीश आरएफ नरीमन और न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने शुक्रवार (8 मई) को अपने आदेश में लखनऊ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत को इस मामले में आपराधिक मुकदमे का निपटारा 31 अगस्त 2020 तक करने का निर्देश दिया।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कहा, “लखनऊ स्थित विशेष अदालत मुकदमे की सुनवाई को पूरा करे और निर्णय सुनाए।” इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार, कल्याण सिंह और साध्वी ऋतंबरा आदि आरोपी हैं।

मामले के तीन आरोपी गिरिराज किशोर, विश्‍व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल और विष्णु हरि डालमिया की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। गत छह मई को विशेष न्यायाधीश ने सर्वोच्च न्यायालय को पत्र लिख बताया था कि अभी सुनवाई पूरी नहीं हुई है। साक्ष्य दर्ज होने का काम भी पूरा नहीं हुआ। इस पर न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए निर्णय सुनाने की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ा दी।

बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने नेताओं के खिलाफ भी एकसाथ लखनऊ में मुकदमा चलाने की अनुमति देकर 19 अप्रैल 2017 को विशेष जज को दो वर्ष में सुनवाई पूरी कर फैसला देने का आदेश दिया था। इसके बाद न्यायालय ने 9 जुलाई 2019 को फिर समय सीमा बढ़ा दी थी।