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शाहीन बाग- सर्वोच्च न्यायालय ने पुनर्विचार याचिका की खारिज, पुराना आदेश यथावत

सर्वोच्च न्यायालय ने शनिवार (13 फरवरी) को शाहीन बाग मामले में पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा, “धरना प्रदर्शन लोग अपने मुताबिक किसी भी जगह नहीं कर सकते हैं। धरना-प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन उसकी भी एक सीमा है।”

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के तीन न्यायाधीशों एसके कॉल, अनिरुद्ध बोस और कृष्ण मुरारी की पीठ ने पुनर्विचार याचिका खारिज की है। न्यायालय ने अपने गत वर्ष अक्टूबर में दिए शाहीन बाग निर्णय को बरकरार रखा है।

गत वर्ष सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया था कि धरना प्रदर्शन का स्थान चिह्नित होना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति या समूह उससे बाहर प्रदर्शन करता है तो उन्हें हटाने का अधिकार पुलिस के पास है। इससे आम लोगों पर कोई असर नहीं होना चाहिए। प्रदर्शन के लिए सार्वजनिक स्थान पर कब्ज़ा नहीं होना चाहिए।

न्यायालय के इस निर्णय में शाहीन बाग के सीएए प्रदर्शन को गैरकानूनी बताया गया था। इसी को लेकर पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी। बता दें कि गत वर्ष कोविड-19 की वजह से लगे लॉकडाउन के चलते धरना खत्म हो गया था।