समाचार
“केंद्र सरकार कोरोना वैक्सीन की मूल्य निर्धारण नीति फिर से जारी करे”- सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को अपनी कोविड-19 वैक्सीन मूल्य निर्धारण नीति को फिर से जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि आपकी नीति से सार्वजनिक स्वास्थ्य के अधिकार के लिए हानिकारक परिणाम निकलकर आएँगे।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि जैसा कि अभी तक वैक्सीन निर्माताओं ने दो अलग-अलग कीमतों का सुझाव दिया है। एक कम कीमत जो केंद्र सरकार पर लागू होती है और एक उच्च कीमत जो राज्य सरकारों द्वारा खरीदी गई मात्रा पर लागू होती है।

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के आधार पर वैक्सीन निर्माताओं के साथ बातचीत के लिए राज्य सरकारों को मजबूर करना और नए वैक्सीन निर्माताओं के लिए इसे आकर्षक बनाने से 18 से 44 वर्ष की आयु के लोगों को गंभीर नुकसान होगा, जिनका राज्य सरकारों द्वारा टीकाकरण किया जाएगा।

इस आयु वर्ग में सामाजिक स्तर पर वे लोग भी शामिल हैं, जो बहुजन हैं, दलित हैं और हाशिए के समूहों से संबंधित हैं। देश की जनसंख्या में इस आयु वर्ग के गरीब लोग अधिक हैं। उनके पास तो वैक्सीन का भुगतान करने की क्षमता भी नहीं है।